मुख्य सामग्री पर जाएँ
Global Vedic Puja

जन्म कुंडली (निःशुल्क)

जन्म के क्षण का आकाश वैदिक पद्धति से कुंडली के रूप में दिखाया जाता है। लग्न, चंद्र राशि और जन्म नक्षत्र भी साथ में देख सकते हैं।

कुंडली में सबसे पहले क्या देखें

जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लग्न कहलाती है और वही पहला भाव बनती है। बारह भावों में नौ ग्रह रखे जाते हैं। पहले लग्न, फिर चंद्र राशि और नक्षत्र देखने से कुंडली की दिशा समझना आसान होता है।

निरयन (सायडेरियल) पद्धति

वैदिक ज्योतिष तारों पर आधारित निरयन राशिचक्र का उपयोग करता है। यह टूल लाहिरी अयनांश से गणना करता है, इसलिए पश्चिमी सूर्य राशि से एक राशि का अंतर दिख सकता है। यह गलती नहीं, गणना के आधार का अंतर है।

नवांश (D9) भी साथ में

हर राशि को नौ भागों में बाँटकर बनने वाला नवांश विवाह, साझेदारी और ग्रहों के वास्तविक बल को समझने में जन्म कुंडली के साथ पढ़ा जाता है। दोनों में एक ही राशि में बैठा ग्रह वर्गोत्तम कहलाता है।

कैसे उपयोग करें

  1. जन्म तिथि, जन्म का स्थानीय समय और जन्म स्थान भरें।
  2. “गणना करें” दबाएँ, कुंडली और ग्रह-तालिका दिखाई देगी।
  3. उत्तर या दक्षिण भारतीय शैली में से अपनी पसंद चुनें।

गणना की विधि: ग्रहों की स्थिति ओपन-सोर्स astronomy-engine लाइब्रेरी से निकाली जाती है और लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से निरयन राशिचक्र में बदली जाती है। जन्म स्थान से उस दिन का समय क्षेत्र और डेलाइट सेविंग देखकर समय को सार्वभौमिक समय में बदला जाता है, इसलिए विदेश में जन्मे लोग भी स्थानीय समय सीधे डाल सकते हैं। भाव लग्न से पूर्ण-राशि पद्धति में हैं और राहु-केतु मध्यम पात हैं। परिणाम आत्म-चिंतन और सीखने के लिए हैं; ये चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कुंडली बनाना सच में निःशुल्क है?

हाँ। न पंजीकरण चाहिए, न भुगतान। गणना आपके ब्राउज़र में होती है और जन्म विवरण केवल इसी डिवाइस पर सहेजा जाता है।

विदेश में जन्म हुआ हो तो क्या गणना सही होगी?

हाँ। जन्म स्थान से उस समय का टाइम ज़ोन और डेलाइट सेविंग देखकर समय को सार्वभौमिक समय में बदला जाता है। बस जन्म का स्थानीय समय डालें।

उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय कुंडली में क्या अंतर है?

जानकारी वही रहती है, केवल चित्र बनाने का ढंग अलग है। उत्तर शैली में भाव स्थिर रहते हैं, दक्षिण शैली में राशियाँ। जो पढ़ने में सहज लगे, वही चुनें।

पूरी कुंडली विस्तार से देखनी है?

नवांश, दशा, योग और अष्टकवर्ग एक ही स्क्रीन पर देखने के लिए कुंडली पेज खोलें।

संबंधित पूजा

परिणाम से जुड़ी पारंपरिक पूजा, भारत के पंडित जी द्वारा ऑनलाइन लाइव।

अन्य टूल