आठ कूट और उनके अंक
वर्ण 1, वश्य 2, तारा 3, योनि 4, ग्रह मैत्री 5, गण 6, भकूट 7 और नाड़ी 8 अंक, कुल 36। परंपरा में 18 से अधिक गुण सामान्यतः स्वीकार्य माने जाते हैं।
नाड़ी और भकूट
सबसे अधिक अंक वाले ये दो कूट विशेष ध्यान से देखे जाते हैं। इनके दोषों के भी परिहार बताए गए हैं, जैसे दोनों की राशि का स्वामी एक होना।
अंक ही सब कुछ नहीं
गुण मिलान केवल चंद्रमा पर आधारित है। अनुभवी ज्योतिषी पूरी कुंडली भी देखते हैं। रिश्ते का निर्णय आपसी समझ और परिवार की बातचीत से होना चाहिए।
कैसे उपयोग करें
- वर और कन्या दोनों का जन्म विवरण भरें।
- कुल गुण और हर कूट का अंक देखें।
- नाड़ी, भकूट और मांगलिक संबंधी टिप्पणियाँ पढ़ें।
गणना की विधि: ग्रहों की स्थिति ओपन-सोर्स astronomy-engine लाइब्रेरी से निकाली जाती है और लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से निरयन राशिचक्र में बदली जाती है। जन्म स्थान से उस दिन का समय क्षेत्र और डेलाइट सेविंग देखकर समय को सार्वभौमिक समय में बदला जाता है, इसलिए विदेश में जन्मे लोग भी स्थानीय समय सीधे डाल सकते हैं। भाव लग्न से पूर्ण-राशि पद्धति में हैं और राहु-केतु मध्यम पात हैं। परिणाम आत्म-चिंतन और सीखने के लिए हैं; ये चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कितने गुण मिलना अच्छा माना जाता है?
परंपरा में 18 से कम गुण कम, 18 से 24 मध्यम और 25 से अधिक अच्छे माने जाते हैं। फिर भी यह केवल एक मार्गदर्शन है।
नाड़ी दोष होने पर क्या करें?
शास्त्रों में कई परिहार बताए गए हैं, जैसे अलग नक्षत्र चरण। किसी अनुभवी ज्योतिषी से पूरी कुंडली दिखाकर ही निष्कर्ष निकालें।
क्या जन्म समय न पता हो तो मिलान हो सकता है?
नक्षत्र जानने के लिए समय उपयोगी है। यदि जन्म नक्षत्र पता हो तो उससे भी मोटा मिलान संभव है, पर परिणाम कम सटीक होगा।
पूरी कुंडली विस्तार से देखनी है?
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