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Global Vedic Puja

वर्षफल (वार्षिक कुंडली)

हर वर्ष जब सूर्य ठीक अपने जन्म के अंश पर लौटता है, उस क्षण की कुंडली वर्षफल कहलाती है। यह आने वाले वर्ष के विषय पढ़ने में उपयोग होती है।

वर्ष प्रवेश का क्षण

वर्षफल अंग्रेज़ी जन्मदिन पर नहीं, बल्कि उस क्षण पर बनता है जब सूर्य जन्म के निरयन अंश पर लौटता है। यह जन्मदिन से एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।

मुंथा और वर्षेश

मुंथा हर वर्ष एक राशि आगे बढ़ता है और वर्ष के मुख्य विषय की ओर संकेत करता है। वर्षेश पाँच अधिकारियों में से चुना गया वर्ष का स्वामी ग्रह होता है।

जन्म कुंडली के साथ पढ़ें

वर्षफल जन्म कुंडली का स्थान नहीं लेता। परंपरा में इसे जन्म कुंडली और चल रही दशा के साथ मिलाकर पढ़ा जाता है।

कैसे उपयोग करें

  1. जन्म विवरण भरें।
  2. जिस वर्ष का वर्षफल चाहिए, वह चुनें।
  3. वर्ष प्रवेश का समय, वर्ष लग्न, मुंथा और वर्षेश देखें।

गणना की विधि: ग्रहों की स्थिति ओपन-सोर्स astronomy-engine लाइब्रेरी से निकाली जाती है और लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से निरयन राशिचक्र में बदली जाती है। जन्म स्थान से उस दिन का समय क्षेत्र और डेलाइट सेविंग देखकर समय को सार्वभौमिक समय में बदला जाता है, इसलिए विदेश में जन्मे लोग भी स्थानीय समय सीधे डाल सकते हैं। भाव लग्न से पूर्ण-राशि पद्धति में हैं और राहु-केतु मध्यम पात हैं। परिणाम आत्म-चिंतन और सीखने के लिए हैं; ये चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्षफल के लिए कौन-सा स्थान डालें?

परंपरा में वर्ष प्रवेश के समय आप जहाँ रह रहे हों, वह स्थान लिया जाता है। कुछ लोग जन्म स्थान भी उपयोग करते हैं।

ताजिक पद्धति क्या है?

यह वार्षिक कुंडली की भारतीय पद्धति है जिसमें मुंथा, सहम और विशेष योगों का उपयोग होता है।

क्या वर्षफल से पूरे वर्ष की घटनाएँ पता चलती हैं?

नहीं। यह वर्ष के प्रमुख विषयों की ओर संकेत करता है, निश्चित घटनाओं की भविष्यवाणी नहीं।

पूरी कुंडली विस्तार से देखनी है?

नवांश, दशा, योग और अष्टकवर्ग एक ही स्क्रीन पर देखने के लिए कुंडली पेज खोलें।

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