अध्याय 1: ज्योतिष क्या है?
पाठ 1 / 4
वेद का नेत्र
ज्योतिष, यानी 'प्रकाश का विज्ञान', छह वेदांगों में से एक है। वेदांग वे अंग हैं जो वेदों के अध्ययन को सहारा देते हैं। इसका मूल उद्देश्य व्यावहारिक था: अनुष्ठानों का सही समय जानना। सदियों में यह व्यक्ति के स्वभाव और जीवन की घटनाओं के समय को समझने की पूरी पद्धति बन गया।