स्मोक अलार्म की चिंता? बिना धुएँ का हवन उपलब्ध
पंडित जी तीर्थ पर अग्नि हवन लाइव करते हैं, आप घर से बिना धुएँ के आहुति देते हैं। अपार्टमेंट, दुकान और ऑफ़िस के लिए।
उद्देश्य
सत्यनारायण पूजा में भगवान विष्णु की सत्य-स्वरूप में आराधना होती है। परिवार किसी शुभ पड़ाव के बाद — नई नौकरी, पढ़ाई पूरी होना, विवाह या नया घर — धन्यवाद के रूप में यह पूजा करते हैं, या फिर पूर्णिमा पर घर में कृतज्ञता का भाव बनाए रखने के लिए।
लाभ
- सरल सामूहिक प्रार्थना से पूरा परिवार एक साथ जुड़ता है
- परंपरा से घर में सुख-शांति और समृद्धि की कामना के लिए की जाती है
- किसी उपलब्धि को मनाने या मन्नत पूरी करने का सुंदर तरीका
- अलग-अलग शहरों में बसे परिजन ऑनलाइन आसानी से साथ जुड़ सकते हैं
कब करें
किसी भी पूर्णिमा, एकादशी या संक्रांति पर; विवाह, गृह प्रवेश, जन्मदिन या मनोकामना पूरी होने के बाद भी। परंपरा से संध्या का समय उत्तम माना जाता है।
पूजा विधि — क्रम से
- संकल्प — परिवार अपने नाम, गोत्र, स्थान और पूजा का उद्देश्य बोलता है
- निर्विघ्न अनुष्ठान के लिए गणेश पूजन और गौरी-गणेश आवाहन
- कलश स्थापना और पुण्याहवाचन (शुद्धि)
- कलश में नवग्रह और वरुण देव का आवाहन
- शालिग्राम या विष्णु जी के चित्र का पंचामृत से अभिषेक
- सत्यनारायण कथा के पाँचों अध्यायों का पाठ
- तुलसी दल के साथ शीरा या पंजीरी के प्रसाद का भोग
- कपूर और घी के दीपक से आरती
- पुष्पांजलि, क्षमा प्रार्थना और प्रसाद वितरण
पूजा सामग्री — और विदेश में कहाँ मिलेगी
ऑनलाइन पूजा के लिए हम पूजा से पहले छापने योग्य सूची भेजते हैं। अधिकतर सामग्री आपके शहर की भारतीय किराना दुकानों और ऑनलाइन भारतीय स्टोर्स पर मिल जाती है; सूची में आवश्यक चीज़ें चिह्नित होती हैं और जो न मिले उसका विकल्प बताया जाता है। तीर्थ पूजा में सारी व्यवस्था हमारे पंडित करते हैं।
- कलश (तांबे या पीतल का), आम के पत्ते और नारियल
- रोली, कुमकुम, हल्दी, चंदन और अक्षत (साबुत चावल)
- ताज़े फूल और मालाएँ
- घी का दीपक, रुई की बत्तियाँ, कपूर, अगरबत्ती
- फल, नैवेद्य के लिए मिठाई, पान के पत्ते और सुपारी
- लाल और पीला वस्त्र, मौली (कलावा)
- पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)
- तुलसी के पत्ते
- मंडप के लिए केले के पत्ते या केले के पौधे
- शीरा (सूजी का हलवा) या पंजीरी का प्रसाद
- पीले फूल
घर पर क्या तैयारी करें
- साफ़-सुथरा, शांत कोना या मेज़ — हो सके तो पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके — और चौकी के लिए एक वस्त्र।
- भगवान विष्णु का चित्र या मूर्ति, दीपक, अगरबत्ती और अर्पण के लिए एक थाली।
- सूची की सामग्री पास में सजाकर रखें; साथ में जल का लोटा और आचमन के लिए छोटी कटोरी।
- फ़ोन या लैपटॉप स्टैंड पर रखें ताकि पंडित जी पूजा स्थल देख सकें; चार्जर लगा रहे और नोटिफ़िकेशन बंद हों।
- हवन के लिए हवन कुंड या हवादार जगह पर ताप-सह ट्रे रखें, या स्मोक अलार्म वाले फ़्लैट के लिए हमारा बिना धुएँ वाला हवन चुनें।
- संकल्प के लिए परिवार के हर सदस्य का नाम, गोत्र और मनोकामना पहले से लिख लें।
आपको कैसे पता चलेगा कि पूजा हुई
पूजा आपकी आँखों से ओझल नहीं होती — यह आपके साथ वीडियो कॉल पर लाइव होती है। पंडित जी आपके नाम, गोत्र और मनोकामना के साथ संकल्प पढ़ते हैं और घर पर हर अर्पण में आपका मार्गदर्शन करते हैं। पूजा के बाद आपको रिकॉर्डिंग भेजी जाती है; तीर्थ पूजा में फ़ोटो भी। हर मुहूर्त की पुष्टि पहले लिखित रूप में की जाती है।
भारत के तीर्थ पर भी उपलब्ध
पूजा एक आध्यात्मिक साधना है। हम किसी विशेष परिणाम का वादा नहीं करते, और पूजा कभी भी चिकित्सा, क़ानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है।