उद्देश्य
महाशिवरात्रि शिव की महान रात्रि है। भक्त व्रत रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और चारों प्रहरों में अभिषेक करते हैं। हम आपके समय-क्षेत्र के लिए प्रहर का समय निकालते हैं और एक या चारों प्रहरों की पूजा करा सकते हैं।
लाभ
- आपके शहर के लिए प्रहर का समय
- हर प्रहर में रुद्राभिषेक (वैकल्पिक)
- परिवार के साथ लाइव जुड़ें
- महामृत्युंजय जप के लिए उत्तम अवसर
कब करें
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात्रि (महाशिवरात्रि)।
पूजा विधि — क्रम से
- संकल्प — परिवार अपने नाम, गोत्र, स्थान और पूजा का उद्देश्य बोलता है
- निर्विघ्न अनुष्ठान के लिए गणेश पूजन और गौरी-गणेश आवाहन
- कलश स्थापना और पुण्याहवाचन (शुद्धि)
- चारों प्रहर में दूध, दही, घी और शहद से अभिषेक
- शिव अष्टोत्तर शतनामावली के साथ बिल्वपत्र अर्चना
- रुद्री पाठ
- निशीथ काल पूजा
- कपूर और घी के दीपक से आरती
- पुष्पांजलि, क्षमा प्रार्थना और प्रसाद वितरण
पूजा सामग्री — और विदेश में कहाँ मिलेगी
ऑनलाइन पूजा के लिए हम पूजा से पहले छापने योग्य सूची भेजते हैं। अधिकतर सामग्री आपके शहर की भारतीय किराना दुकानों और ऑनलाइन भारतीय स्टोर्स पर मिल जाती है; सूची में आवश्यक चीज़ें चिह्नित होती हैं और जो न मिले उसका विकल्प बताया जाता है। तीर्थ पूजा में सारी व्यवस्था हमारे पंडित करते हैं।
- कलश (तांबे या पीतल का), आम के पत्ते और नारियल
- रोली, कुमकुम, हल्दी, चंदन और अक्षत (साबुत चावल)
- ताज़े फूल और मालाएँ
- घी का दीपक, रुई की बत्तियाँ, कपूर, अगरबत्ती
- फल, नैवेद्य के लिए मिठाई, पान के पत्ते और सुपारी
- लाल और पीला वस्त्र, मौली (कलावा)
- पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)
- शिवलिंग, बिल्वपत्र, धतूरा
- दूध, दही, घी, शहद, गन्ने का रस
घर पर क्या तैयारी करें
- साफ़-सुथरा, शांत कोना या मेज़ — हो सके तो पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके — और चौकी के लिए एक वस्त्र।
- भगवान शिव का चित्र या मूर्ति, दीपक, अगरबत्ती और अर्पण के लिए एक थाली।
- सूची की सामग्री पास में सजाकर रखें; साथ में जल का लोटा और आचमन के लिए छोटी कटोरी।
- फ़ोन या लैपटॉप स्टैंड पर रखें ताकि पंडित जी पूजा स्थल देख सकें; चार्जर लगा रहे और नोटिफ़िकेशन बंद हों।
- संकल्प के लिए परिवार के हर सदस्य का नाम, गोत्र और मनोकामना पहले से लिख लें।
आपको कैसे पता चलेगा कि पूजा हुई
पूजा आपकी आँखों से ओझल नहीं होती — यह आपके साथ वीडियो कॉल पर लाइव होती है। पंडित जी आपके नाम, गोत्र और मनोकामना के साथ संकल्प पढ़ते हैं और घर पर हर अर्पण में आपका मार्गदर्शन करते हैं। पूजा के बाद आपको रिकॉर्डिंग भेजी जाती है; तीर्थ पूजा में फ़ोटो भी। हर मुहूर्त की पुष्टि पहले लिखित रूप में की जाती है।
भारत के तीर्थ पर भी उपलब्ध
पूजा एक आध्यात्मिक साधना है। हम किसी विशेष परिणाम का वादा नहीं करते, और पूजा कभी भी चिकित्सा, क़ानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है।