उद्देश्य
श्राद्ध दिवंगत परिजनों का स्नेहपूर्ण स्मरण है। पूर्वजों के नाम और गोत्र के साथ तर्पण (जल अर्पण) और पिंडदान (चावल के पिंड) किए जाते हैं। भारत आना संभव न हो तो कई प्रवासी परिवार हमसे अपनी ओर से तीर्थ पर यह कराने को कहते हैं।
लाभ
- माता-पिता, दादा-दादी और पूरे कुल का सम्मान
- पितृ दोष के संकेतों का पारंपरिक उपाय
- आपकी ओर से तीर्थ पर कराया जा सकता है
- परिवार वीडियो से जुड़कर संकल्प ले सकता है (जहाँ उपलब्ध हो)
कब करें
पितृपक्ष (भाद्रपद कृष्ण पक्ष), अमावस्या, पुण्यतिथि की तिथि, या तीर्थ यात्रा के समय।
पूजा विधि — क्रम से
- पूर्वजों के नाम और गोत्र के साथ संकल्प
- गणेश और विष्णु स्मरण
- जल, काले तिल और कुशा से तर्पण
- पिंडदान (तिल और शहद मिले चावल के पिंड)
- ब्राह्मण भोजन तथा गाय, कौए और कुत्ते को भोजन (पंचबलि)
- दक्षिणा और दान
पूजा सामग्री — और विदेश में कहाँ मिलेगी
ऑनलाइन पूजा के लिए हम पूजा से पहले छापने योग्य सूची भेजते हैं। अधिकतर सामग्री आपके शहर की भारतीय किराना दुकानों और ऑनलाइन भारतीय स्टोर्स पर मिल जाती है; सूची में आवश्यक चीज़ें चिह्नित होती हैं और जो न मिले उसका विकल्प बताया जाता है। तीर्थ पूजा में सारी व्यवस्था हमारे पंडित करते हैं।
- कुशा घास
- काले तिल, जौ, चावल
- शहद, घी, दूध
- सफ़ेद फूल और तुलसी
- पत्तों की पत्तलें
- सफ़ेद वस्त्र
घर पर क्या तैयारी करें
- साफ़-सुथरा, शांत कोना या मेज़ — हो सके तो पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके — और चौकी के लिए एक वस्त्र।
- पितृ का चित्र या मूर्ति, दीपक, अगरबत्ती और अर्पण के लिए एक थाली।
- सूची की सामग्री पास में सजाकर रखें; साथ में जल का लोटा और आचमन के लिए छोटी कटोरी।
- फ़ोन या लैपटॉप स्टैंड पर रखें ताकि पंडित जी पूजा स्थल देख सकें; चार्जर लगा रहे और नोटिफ़िकेशन बंद हों।
- संकल्प के लिए परिवार के हर सदस्य का नाम, गोत्र और मनोकामना पहले से लिख लें।
आपको कैसे पता चलेगा कि पूजा हुई
पूजा आपकी आँखों से ओझल नहीं होती — यह आपके साथ वीडियो कॉल पर लाइव होती है। पंडित जी आपके नाम, गोत्र और मनोकामना के साथ संकल्प पढ़ते हैं और घर पर हर अर्पण में आपका मार्गदर्शन करते हैं। पूजा के बाद आपको रिकॉर्डिंग भेजी जाती है; तीर्थ पूजा में फ़ोटो भी। हर मुहूर्त की पुष्टि पहले लिखित रूप में की जाती है।
भारत के तीर्थ पर भी उपलब्ध
पूजा एक आध्यात्मिक साधना है। हम किसी विशेष परिणाम का वादा नहीं करते, और पूजा कभी भी चिकित्सा, क़ानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है।