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Global Vedic Puja

पितृ दोष पूजा एवं श्राद्ध

पूर्वजों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंड दान — पितृ पक्ष, पुण्यतिथि या तीर्थ पर।

Pitru Dosh Puja & Shraddh

पितृ (पूर्वज), विष्णुअवधि: 1.5 – 2.5 घंटेपंडित: 1–2

ऑनलाइन कोई भुगतान नहीं लिया जाता; दक्षिणा पूजा से पहले तय होती है। रिफ़ंड और कैंसलेशन नीति

उद्देश्य

श्राद्ध दिवंगत परिजनों का स्नेहपूर्ण स्मरण है। पूर्वजों के नाम और गोत्र के साथ तर्पण (जल अर्पण) और पिंडदान (चावल के पिंड) किए जाते हैं। भारत आना संभव न हो तो कई प्रवासी परिवार हमसे अपनी ओर से तीर्थ पर यह कराने को कहते हैं।

लाभ

  • माता-पिता, दादा-दादी और पूरे कुल का सम्मान
  • पितृ दोष के संकेतों का पारंपरिक उपाय
  • आपकी ओर से तीर्थ पर कराया जा सकता है
  • परिवार वीडियो से जुड़कर संकल्प ले सकता है (जहाँ उपलब्ध हो)

कब करें

पितृपक्ष (भाद्रपद कृष्ण पक्ष), अमावस्या, पुण्यतिथि की तिथि, या तीर्थ यात्रा के समय।

पूजा विधि — क्रम से

  1. पूर्वजों के नाम और गोत्र के साथ संकल्प
  2. गणेश और विष्णु स्मरण
  3. जल, काले तिल और कुशा से तर्पण
  4. पिंडदान (तिल और शहद मिले चावल के पिंड)
  5. ब्राह्मण भोजन तथा गाय, कौए और कुत्ते को भोजन (पंचबलि)
  6. दक्षिणा और दान

पूजा सामग्री — और विदेश में कहाँ मिलेगी

ऑनलाइन पूजा के लिए हम पूजा से पहले छापने योग्य सूची भेजते हैं। अधिकतर सामग्री आपके शहर की भारतीय किराना दुकानों और ऑनलाइन भारतीय स्टोर्स पर मिल जाती है; सूची में आवश्यक चीज़ें चिह्नित होती हैं और जो न मिले उसका विकल्प बताया जाता है। तीर्थ पूजा में सारी व्यवस्था हमारे पंडित करते हैं।

  • कुशा घास
  • काले तिल, जौ, चावल
  • शहद, घी, दूध
  • सफ़ेद फूल और तुलसी
  • पत्तों की पत्तलें
  • सफ़ेद वस्त्र

घर पर क्या तैयारी करें

  • साफ़-सुथरा, शांत कोना या मेज़ — हो सके तो पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके — और चौकी के लिए एक वस्त्र।
  • पितृ का चित्र या मूर्ति, दीपक, अगरबत्ती और अर्पण के लिए एक थाली।
  • सूची की सामग्री पास में सजाकर रखें; साथ में जल का लोटा और आचमन के लिए छोटी कटोरी।
  • फ़ोन या लैपटॉप स्टैंड पर रखें ताकि पंडित जी पूजा स्थल देख सकें; चार्जर लगा रहे और नोटिफ़िकेशन बंद हों।
  • संकल्प के लिए परिवार के हर सदस्य का नाम, गोत्र और मनोकामना पहले से लिख लें।

आपको कैसे पता चलेगा कि पूजा हुई

पूजा आपकी आँखों से ओझल नहीं होती — यह आपके साथ वीडियो कॉल पर लाइव होती है। पंडित जी आपके नाम, गोत्र और मनोकामना के साथ संकल्प पढ़ते हैं और घर पर हर अर्पण में आपका मार्गदर्शन करते हैं। पूजा के बाद आपको रिकॉर्डिंग भेजी जाती है; तीर्थ पूजा में फ़ोटो भी। हर मुहूर्त की पुष्टि पहले लिखित रूप में की जाती है।

भारत के तीर्थ पर भी उपलब्ध

पूजा एक आध्यात्मिक साधना है। हम किसी विशेष परिणाम का वादा नहीं करते, और पूजा कभी भी चिकित्सा, क़ानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है।

यह पूजा किन समस्याओं के लिए की जाती है

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हर बुकिंग में आपको क्या मिलता है

आपके नाम से संकल्प

पंडित जी लाइव, आपके नाम, गोत्र और मनोकामना बोलकर संकल्प कराते हैं।

लाइव, रिकॉर्डेड नहीं

पूरी पूजा वीडियो कॉल पर आपके सामने होती है; परिवार कहीं से भी जुड़ सकता है।

रिकॉर्डिंग और फ़ोटो

पूजा के बाद रिकॉर्डिंग और तीर्थ पूजा की फ़ोटो भेजी जाती हैं।

आपके समय में मुहूर्त

मुहूर्त आपके स्थानीय समय और IST दोनों में लिखकर दिया जाता है।

सामग्री सूची और तैयारी गाइड

स्थानीय भारतीय दुकानों के हिसाब से सूची, विकल्प और वेदी सजाने की फ़ोटो गाइड।

बिना धुएँ का हवन विकल्प

फ़्लैट और ऑफ़िस में स्मोक अलार्म की चिंता के बिना हवन।

बिना धुएँ का हवन कैसे होता है · ऑनलाइन पूजा कैसे होती है

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पूजा स्थान

हम आपका समय और भारतीय समय (IST) दोनों दिखाएँगे। हमारे पंडित भारतीय समय पर काम करते हैं; अंतिम मुहूर्त हम दोनों समयों में बताते हैं।

दक्षिणा: अनुरोध पर। ऑनलाइन कोई भुगतान नहीं लिया जाता।

ऑनलाइन कोई भुगतान नहीं लिया जाता; दक्षिणा पूजा से पहले तय होती है। रिफ़ंड और कैंसलेशन नीति

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पितृ दोष पूजा एवं श्राद्ध अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा या ऑस्ट्रेलिया से ऑनलाइन हो सकती है?

हाँ। पंडित जी भारत से ज़ूम, गूगल मीट या व्हाट्सऐप वीडियो पर पितृ दोष पूजा एवं श्राद्ध लाइव कराते हैं और आपका परिवार घर पर अर्पण करता है। सामग्री सूची पहले भेज दी जाती है और समय आपके स्थानीय समय तथा IST दोनों में बताया जाता है।

विदेश में सामग्री कहाँ मिलेगी?

अधिकतर सामग्री आपके शहर की भारतीय किराना दुकानों और ऑनलाइन भारतीय स्टोर्स पर मिल जाती है। हमारी सूची में आवश्यक चीज़ें अलग से चिह्नित होती हैं, और जो न मिले उसका विकल्प भी बताया जाता है।

पितृ दोष पूजा एवं श्राद्ध में कितना समय लगता है?

सामान्यतः 1.5 – 2.5 घंटे; पंडितों की संख्या: 1–2।

पितृ दोष पूजा एवं श्राद्ध कब करनी चाहिए?

पितृपक्ष (भाद्रपद कृष्ण पक्ष), अमावस्या, पुण्यतिथि की तिथि, या तीर्थ यात्रा के समय।

दक्षिणा कितनी है?

ऑनलाइन लाइव पूजा की प्रारंभिक दक्षिणा ऊपर दी गई है। अंतिम दक्षिणा पूजा के प्रकार (ऑनलाइन या तीर्थ), पंडितों की संख्या और सामग्री पर निर्भर करती है; तीर्थ पूजा अनुरोध पर बताई जाती है। हम पूजा से पहले पुष्टि करते हैं — ऑनलाइन कोई भुगतान नहीं लिया जाता।

अगर गोत्र पता न हो तो?

यह बहुत आम है। परंपरा के अनुसार गोत्र ज्ञात न हो तो कश्यप गोत्र से संकल्प लिया जाता है।

ऑनलाइन: ज़ूम, गूगल मीट या व्हाट्सऐप वीडियो। समय आपके समय-क्षेत्र और IST दोनों में बताया जाता है — अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया या कहीं भी।